प्रश्न :- हड़प्पा सभ्यता की धार्मिक एवं आर्थिक स्थिति की विवेचना कीजिए।
उत्तर :- हड़प्पाई लोगों का सामाजिक तथा आर्थिक जीवन-
मोहनजोदड़ों एवं हड़प्पा की खुदाई में जो वस्तुएँ मिली है, उनमें हम सिन्धु घाटी के लोगों के आर्थिक जीवन का भी अनुमान लगा सकते हैं ।
हड़प्पा निवासियों का प्रमुख व्यवसाय कृषि व पशुपालन था। इसके अतिरिक्त वस्त्र बुनना, बर्तन व आभूषण बनाना व व्यापार करना यहाँ के लोगों
का पेशा था । वे लोग गाय, बैल, बकरी, भैंस व ऊँट आदि पशु पालते थे। शिकार खेलना, मछली पकड़ना, साँड़ों की लड़ाई करवाना, पक्षी-पालन आदि
उनके मनोरंजन के साधन थे।
धर्म-
हड़प्पा से प्राप्त प्रमाणों से सिद्ध होता है कि वे लोग मूर्तिपूजक थे। वे लोग लिंग व योनि का भी पूजा करते थे। कुछ देवी-देवताओं की मूर्तियाँ भी मिली है। दो सींग वाली एक देवी मूर्ति भी मिली है। इसके चारों आरे चार पशु-हाथी, सिंह, बारहसिंगा और भैंसा है। ये लोग पीपल, फाख्ता, चीता, बकरी, मगरमच्छ, गैंडा आदि सर्प की भी पूजा करते थे।हड़प्पा निवासियों में शवों को दफनाने और जलाने की दोनों प्रथाएँ थीं। शव के साथ उसके आभूषण, बर्तन व हथियार भी रखते थे। वे लोग पुनर्जन्म में विश्वास रखते थे अथवा नहीं, इस विषय में निश्चित रूप से कुछ नहीं कहा जा सकता है।
सम्भवतः ये लोग वृक्ष (विशेषत: पीपल), पशुओं (सांड आदि) तथा साँपों और पत्थरों की पूजा करते थे। उन लोगों का धर्म हिन्दू धर्म के मूल रूप था। वहाँ से बड़ी संख्या में ताबीज भी प्राप्त हुए है जिनसे ज्ञात होता है कि वे सम्भवतः भूत-प्रेत में विश्वास रखते थे। कालीबंगा एवं लोथल से ईंटों की बनी वेदी मिली है जो अग्नि पूजा के साक्ष्य है। कालीबंगा के हवन कुण्ड में यक्ष का भी साक्ष्य मिला है।
